कर्नाटक संकट: सोनिया गांधी बेंगलुरू भेजे दो संकट मोचक

कर्नाटक संकट: सोनिया गांधी बेंगलुरू भेजे दो संकट मोचक

नई दिल्ली: कर्नाटक में संकट में फंसी कुमारस्वामी सरकार को बचाने के लिए कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने दखल देकर हालातों को काबू में करने की कोशिश शुरु कर दी है. उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार सोनिया गांधी ने आज पार्टी के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद और बी.के. हरिप्रसाद से चर्चा कर दोनों नेताओं को तत्काल बेंगलुरूर रवाना होने के निर्देश दिए. इस बीच अपुष्ट खबरों के अनुसार एस.एन. सुब्बारेड्डी की सोनिया गांधी से मुलाकात करने की भी खबरें है लेकिन इसकी कोई औपचारिक पुष्टि नहीं की गयी है. गौरतलब है कि सुब्बारेड्डी उन 11 बागी विधायकों में शामिल है जो इस्तीफा देकर सरकार को गिराने की साजिश में जुटे है.

इससे पूर्व आज संसद के दोनों सदनों में कर्नाटक में चल रहे विधायकों की खरीद-फरोख्त को लेकर भारी हंगामा हुआ. लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने शून्यकाल में इस मुद्दे को उठाने की कोशिश की लेकिन अध्यक्ष ओम बिरला ने उन्हें अनुमति नहीं दी. इस पर कांग्रेस तथा अन्य विपक्षी दलों के सांसद नारेबाजी करने लगे. जिस समय नारेबाजी चल रही थी उस समय राहुल गांधी भी सदन में थे और उन्होंने भी अपने उत्तेजित सदस्यों के साथ नारे लगाये ‘तानाशाही बंद करो, शिकार की राजनीति बंद करो’. इस हंगामे के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही में भारी बाधा आई और राज्यसभा को दो बार स्थगित करने के बाद पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया. जिस समय हंगामा चल रहा था उस समय कांग्रेस के सदस्यों और लोकसभा अध्यक्ष के बीच तू-तू मै-मैं भी हुई.

कांग्रेस सदस्यों के उठकर चले जाने पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दोहराया कि कर्नाटक में जो कुछ चल रहा है वह कांग्रेस का आतंरिक मामला है, कांग्रेस अपना घर ठीक नहीं रख पा रही है और भाजपा और सरकार पर आरोप लगा रही है. उन्होंने जोर देते हुए कहा कि इस में उनकी पार्टी की कोई भूमिका नहीं है. सोनिया गांधी के सीधे हस्तक्षेप के बाद कर्नाटक के कांग्रेस नेताओं में उम्मीद जगी है कि वह जल्दी ही इस संकट का हल खोज लेगें.