MA की RIL को छोड़ देश की टॉप नौ कंपनियों का मार्केट कैप 84,354 करोड़ रुपये घटा

MA की RIL को छोड़ देश की टॉप नौ कंपनियों का मार्केट कैप 84,354 करोड़ रुपये घटा

नई दिल्ली: सेंसेक्स की शीर्ष दस कंपनियों में से नौ के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में बीते सप्ताह संयुक्त रूप से 84,354.1 करोड़ रुपये की कमी आई। इसमें टाटा कंसल्टेंसी र्सिवसेज (टीसीएस) को सबसे अधिक नुकसान उठाना पड़ा। शीर्ष 10 कंपनियों में से केवल रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) की बाजार हैसियत में वृद्धि देखने को मिली। आरआईएल का एमकैप शुक्रवार को समाप्त सप्ताह में 72,153.08 करोड़ रुपये बढ़कर 8,09,755.16 करोड़ रुपये पहुंच गया। कंपनी की ओर से वार्षिक आम बैठक में निवेशकों के अनुकूल प्रस्तावों की घोषणा से उसके बाजार पूंजीकरण में यह वृद्धि देखने को मिली है।

टीसीएस, एचडीएफसी बैंक, हिन्दुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (एचयूएल), एचडीएफसी, इन्फोसिस, आईटीसी, कोटक महिंद्रा बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और एसबीआई के बाजार पूंजीकरण में कमी दर्ज की गयी। टीसीएस का बाजार पूंजीकरण 30,807.1 करोड़ रुपये घटकर 8,11,828.43 करोड़ रुपये रहा। एचडीएफसी की बाजार हैसियत 19,495.4 करोड़ रुपये घटकर 3,62,123.92 करोड़ रुपये रह गयी। एचडीएफसी बैंक का बाजार मूल्याकंन भी 15,065.8 करोड़ रुपये की कमी के साथ 6,08,826.25 करोड़ रुपये रह गया। इसी प्रकार, इन्फोसिस का एमकैप 6,700.27 करोड़ रुपये की गिरावट के साथ 3,32,672.51 करोड़ रुपये, कोटक मंिहद्रा का बाजार मूल्यांकन 6,525.48 की कमी के साथ 2,86,340.99 करोड़ रुपये पर रहा।

एचयूएल की बाजार हैसियत 2,954.95 करोड़ रुपये कम होकर 3,95,335.97 करोड़ रुपये और आईटीसी का बाजार पूंजीकरण 1,657.41 करोड़ रुपये घटकर 3,10,488.97 करोड़ रुपये रह गया। आईसीआईसीआई बैंक का बाजार पूंजीकरण 790.71 करोड़ रुपये की गिरावट के साथ 2,70,569.37 करोड़ रुपये और एसबीआई का एमकैप 356.99 करोड़ रुपये की कमी के साथ 2,59,661.57 करोड़ रुपये रह गया। शीर्ष दस कंपनियों की रैंकिंग में टीसीएस शीर्ष पर रही। इसके बाद आरआईएल, एचडीएफसी बैंक, एचयूएल, एचडीएफसी, इन्फोसिस, आईटीसी, कोटक महिंद्रा बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और एसबीआई का स्थान आता है। पिछले सप्ताह सेंसेक्स में 231.58 अंक की गिरावट दर्ज की गयी।

उधर, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने अगस्त महीने में अबतक घरेलू पूंजी बाजार से 8,319 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी की है। एफपीआई टैक्स को लेकर अनिश्चितता तथा वैश्विक व्यापार से जुड़ी चिंताओं के कारण एफपीआई की निकासी जारी रही। डिपॉजिटरी के आंकड़ों के अनुसार, आलोच्य अवधि के दौरान एफपीआई ने 10,416.25 करोड़ रुपये के शेयरों की बिकवाली की। उन्होंने इस दौरान 2,096.38 करोड़ रुपये के शेयरों की खरीदारी की। इस तरह एक अगस्त से 16 अगस्त के दौरान वे 8,319 करोड़ रुपये के शुद्ध बिकवाल रहे। मॉर्निंगस्टार के वरिष्ठ विश्लेषक प्रबंधक (शोध) हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा कि अगस्त में एफपीआई अब तक के 10 में से नौ कारोबारी दिन शुद्ध बिकवाल रहे हैं। यह बेहद नकारात्मक धारणा का संकेत है। इससे पहले जुलाई में एफपीआई 2,985.88 करोड़ रुपये के बिकवाल रहे थे।