‘11वी अन्तर्राष्ट्रीय मोहर्रम छायाचित्र एवं पेन्टिंग प्रदशर्नी’ का शुभारम्भ

‘11वी अन्तर्राष्ट्रीय मोहर्रम छायाचित्र एवं पेन्टिंग प्रदशर्नी’ का शुभारम्भ

लखनऊ: आज वन वाइस संस्था एवं राज्य ललित कला अकादमी, उ0प्र0 के संयुक्त तत्वावधान में ‘11वी अन्तर्राष्ट्रीय मोहर्रम छायाचित्र एवं पेन्टिंग प्रदशर्नी’ का उद्घाटन राज्य ललित कला अकादमी, उ0प्र0 लखनऊ में किया। ‘मानवता की कैण्डल’ को एक साथ 12 लोगों ने कैण्डल जलाकर उद्घाटन किया। इन 12 विभूतियों में अब्बास मेंहदी (कुलपति इरा मेडिकल विवि), प्रो0 माहरुख मिर्ज़ा (कुलपति मुइनुद्दीन चिश्ती विवि), नवाब जाफर मीर अब्दल्ला, प्रो0 साबिरा हबीब, सैय्यद रफत (सह-उपाध्यक्ष उ0प्र0 ओलम्पिक एसो0), श्री स्वामी सारंग, मनीष शुक्ला, मुकेश कुमार (आईएफएस), हसन काज़मी, पूर्व डी.जी.पी रिज़वान अहमद, अमीर हैदर, महन्त दिव्या गिरि, इसके साथ अन्य विशिष्ठ अतिथियों में नवाब मसूद अब्दुल्लाह, शारिब रिदौलवी, शाइस्ता अम्बर, वक़ार रिज़वी, मेराज हैदर, मो0 अहसन (आई.जी.-आर.पी.एफ.), पंकज श्रीवास्तव, यावर हुसैन, मज़ाहिर हुसैन, अतहर नबी, मौलाना ख़ालिद, मौलाना आली, व शबाब उपस्थित थे।

प्रदशर्नी के आयोजक एस.एन.लाल ने बताया कि प्रदशर्नी का मुख्य उद्देश्य मानवता के प्रति लोगों को जागृत करना, इमाम हुसैन ने मानवता को बचाने के लिए अपनी व अपने पूरे ख़ानदान व दोस्तों की कुर्बानी दी है, इसीलिए इमाम हुसैन के नाम की प्रदर्शनी लगाकर यह संदेश देते है। यज़ीद इमाम हुसैन से यहीं तो कह रहा था। जो मै कर रहा हूॅं मुझे करने दो, बस मेरी बातों पर बैअत (राजभक्ती स्वीकार करना) कर लो, तो आपको दौलत और राजपाट में हिस्सेदारी भी दूॅंगा, लेकिन इमाम हुसैन ने मानवता को बचाने के लिए दौलत और राजपाठ को छोड़कर कुर्बानी को गले लगाया और इमाम हुसैन के उद्देश्य की जीत हुई और सही जीत उद्देश्य की कहलाती है।

अन्तर्राष्ट्रीय मोहर्रम छायाचित्र एवं पेन्टिंग प्रदशर्नी का यह ग्यारवां वर्ष है, इस वर्ष प्रदशर्नी में हैदराबाद, दिल्ली, शाहजहांपुर, बरेली, आगरा, कानपुर, अमरोहा, अलीगढ़, बाराबंकी, लखनऊ के अतिरिक्त लंदन, बहरीन, स्पेन, ढ़ाका व नारवे से छायाचित्र व पेन्टिंग आयीं हैैं। प्रदर्शित हेतु लगभग 215 छायाचित्र आये थे जिनमें से 80 छायाचित्र प्रदर्शित किये गयेे है और पूरे भारत वर्ष से 42 आर्टिस्टों ने अपनी 96 पेन्टिंग भेजी थी जिनमें से 45 पेन्टिंग प्रदर्शित की गयी है, इनके साथ-साथ इमाम हुसैन का वंशवृक्ष, मदीने से करबला तक की यात्रा और करबला के मैदान का चित्र आयोजक एस.एन.लाल द्वारा प्रदर्शित किया गया है।

पूरे भारत वर्ष से फोटो आर्टिस्ट में रवि कपूर, मो0 क़मर, आज़म हुसैन, मोजिज़, पूर्वी चौधरी, सज्जाद बाक़र, सैफ हुसैन, नजमुल हसन, अदलीप वाल्टर, साहिल सिद्दीक़ी, औन नक़वी, मो0 अशहद, मो0 अशहर, शबीह रज़ा, अंकित सिंह, नदीम नक़वी, अब्बास काज़िम, असुतोष त्रिपाठी, कुमैल अली व नीरज कुमार विदेशी छायाकारों में रुबी एच. हैदर-लंदन, मसद्दीक़ रज़ा कुम्मी -ईरान, सरमद अल नईमी-ईराक, अहसन रिज़वी-स्पेन, वही पेन्टिंग आर्टिस्टों में श्याम वर्मा, मो0 क़मर, अनीता नारायण, सुषमा कुमार, तबस्सुम फात्मा, सबीहा हसन, शिबली ख़ान, वसीम इदरीसी डा0शगुफ्ता खानम, डा0 दुरदाना सईद, रेनू बहेल, हेमा विश्वकर्मा, शाज़िया अनवर, इमरान बेग, नेहा बाजपेई, तरन्नुम सिद्दीक़ी , जावेद कबीर, हेमा विश्वकर्मा, अनमता, तनु प्रिया, समरीन फात्मा, इरफाना, कनीज़ फात्मा, फात्मा ज़हरा, नशरा फिरदौस, सुहाना ख़ान, राधिका सिंह, सारा बानों, रिशिता, खुशी बारी, मानसी राजपूत, सुनैना राज, शमा, मोहिनी कश्यप, हबीबा खातून, स्वीटी सिंह, अर्शी ख़ातून, अन्जली, यमन, सीमा, दिकक्षा, अना ख़ान, इक़रा फात्मा, आस्था व करामत कालेज के बच्चों ने भी पेन्टिंग दी ।

Lucknow, Uttar Pradesh, India