माँ, मातृ भूमि, मातृ भाषा का कोई विकल्प नहीं है: डॉ0 उदयवीर

माँ, मातृ भूमि, मातृ भाषा का कोई विकल्प नहीं है: डॉ0 उदयवीर

लखनऊ: माँ, मातृ भूमि, मातृ भाषा का कोई विकल्प नहीं है, आज़ादी के बाद से आज तक हमारे ऊपर अंग्रेज़ियत हावी होने से अंग्रेजी भाषा को सम्मान की दृष्टि से देखने लगे हैं, यह विचार आज यूपी प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में अधिवक्ताओं के संगठन भारतीय भाषा अभियान उत्तर प्रदेश, अवध प्रांत के संयोजक और अधिवक्ता उच्च न्यायलय डॉ0 उदयवीर सिंह ने अखबारनवीसों को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किये|

उन्होंने कहा कि हिंदी भाषा को हम भारतवासी वह सम्मान नहीं दे पाए जो मातृ भाषा को मिलना चाहिए जबकि भारतीय संविधान में अनुच्छेद --343 के अनुसार राज्य के काम काज की भाषा हिंदी एवं उसकी लिपि देवनागरी है|

श्री उदयवीर ने लोगों से आग्रह किया कि भारतीय भाषा को गौरव एवं सम्मान दिलाने के मुहीम में हमारा योगदान करे ताकि हिंदी भाषा और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं को भारत में किसी प्रकार अंग्रेजी भाषा ले ऊपर गौरव प्राप्त हो | इसी कड़ी में एक कार्यक्रम का आयोजन गणना संस्थान में 7 सितम्बर को किया गया है |

Lucknow, Uttar Pradesh, India