जुलूस ए मोहम्मदी में बेअदबी से बचने की हिदायत

जुलूस ए मोहम्मदी में बेअदबी से बचने की हिदायत

लखनऊ: आल इण्डिया मोहम्मदी मिशन के जेरे एहतिमाम मुस्तफा मंजिल, मोमीन नगर, लखनऊ में आयोजित जश्न ईद मीलादुन्नबी व मिशन की महफिल में आल इण्डिया मोहम्मदी मिशन के अध्यक्ष सैयद अयूब अशरफ अध्यक्ष ने जुलूसे मोहम्मदी में बेअदबी से बचने की लोगों को हिदायत दी है|

महफिल को खिताब करते हुए हज़रत सैयद अयूब अशरफ किछौछवी ने कहा ईद मीलादुन्नबी के मौके पर निकलने वाले जुलूस ए मोहम्मदी में शामिल होने वाली तमाम अन्जुमनों के जिम्मेदारों से अपील की है कि वह जुलूस में इस बात का ख्याल रखें कि रास्ते में अगर कोई बुढ़ा आदमी गुज़रें तो पहले उनको रास्ता दे। एम्बुलेन्स को रास्ता दे, ट्राफिक नियमों का पालन करे। डी.जे. का इस्तेमाल मत करें, नबी-ए-करीम की तालिमात लोगो तक पहुचाने के लिए प्ले कार्ड लेकर निकले ताकि लोग जागरूक हो और नबी की तालिमात से इस्लाम का सही नज़रिया सामने आए। बच्चों में मिठाईया बाटें। अपने बच्चों को साफ सुथरा कपड़ा पहनाए और हो सके तो नये कपड़े पहनाकर जुलूस में शामिल हो। देखने को मिला है कुछ लोग गाडियों पर बैनर बांधते हैं और फिर जब गाडी के ऊपर सवार होते है तो उनका पैर उस बैनर पर पड़ जाता है और वह बेख्याली में उनसे बआदबी हो जाती है क्योकि बैनर पर अल्लाह और उसके रसूल का नाम लिखा होता है। सुनने को मिला है कि कुछ नौवजवान इस पवित्र रात को गैरकानूनी तरह से गाडियों पर सवार होकर नारे बाज़ी करते है और इस दिन की रूहानियत को तार तार करते है जिससे न सिर्फ मुस्लिम समाज बल्कि उनकी इस हरकत से इस्लाम बदनाम होता है। हमें चाहिए उन्हें उनकी गलत हरकत से रोकें|

इस मौके पर मौलाना सैयद अबु बकर शिब्ली अशरफ ने अपने खिताब में कहा कि हुजुर की यौमे पैदाईश के दिन अपने सभी कामकाज छोड़कर अपने नबी के इस अमन के जुलूस में शामिल हो। शायद तुम नही जानते कि इस दिन की अज़मत क्या है यह पूरी कायनात नबी के सदके में बनी है और हमारी ज़ात भी नबी के सदके में हैं । इस मौके पर अहमद मियाॅ ने बताया की कल बाद नमाज़ ईशा खदरा पानी की टंकी के पास कदमें रसूल में मिशन की अगली मीटिंग होगी।

आज की महफ़िल में मौलाना जाकिर हुसैन मौलाना मुन्नवर हुसैन मौलाना अशरफ हुसैन के साथ ही साथ यूथ अध्यक्ष सैयद मोहम्मद अहमद मियाॅ उपाध्यक्ष सैयद जैनुलआब्दीन, महासचिव सरफराज़ मुस्तफा, खजाॅची मोहम्मद अफज़ल, मोहम्मद फरीद डाॅ शाहनवाज़ मुस्तफा आदि मौजूद थे।

Lucknow, Uttar Pradesh, India