आईआईटी कानपुर में सेंटर फाॅर इंजीनियरिंग इन मेडिसिन की स्थापना

आईआईटी कानपुर में सेंटर फाॅर इंजीनियरिंग इन मेडिसिन की स्थापना

विभिन्न विधाओं में विश्वस्तरीय शिक्षा प्रदान करने के निरंतर प्रयास के क्रम में, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, कानपुर (आईआईटी, कानपुर) में सेंटर फाॅर इंजीनियरिंग इन मेडिसिन की स्थापना की जायेगी। संयुक्त राज्य स्थित मेहता फैमिली फाउंडेशन के साथ मिलकर यह सेंटर स्थापित होगा। इसके लिए आईआईटी, कानपुर के निदेशक, प्रोफेसर अभय करंदीकर और मेहता फैमिली फाउंडेशन के श्री राहुल मेहता ने आज एक समझौता-पत्र पर हस्ताक्षर किया। यूनिवर्सिटी आॅफ कैलिफोर्निया, सैन डियेगो के प्रोफेसर शंकर सुब्रमण्यम ‘मेहता फैमिली सेंटर फाॅर इंजीनियरिंग इन मेडिसिन’ के पहले अंतर्राष्ट्रीय सलाहकार’ हैं। प्रोफेसर अभय करंदीकर ने कहा, ‘‘मेहता फैमिली सेंटर फाॅर इंजीनियरिंग इन मेडिसिन के पीछे की सोच को चुनौतीपूर्ण चिकित्सा समस्याओं को हल करने हेतु नया रास्ता मिल रहा है। मेडिसिन और इंजीनियरिंग को एक साथ जोड़ने के आईआईटी कानपुर के सपने को पूरा करने में सहायता करने के लिए, हम मेहता फैमिली फाउंडेशन के प्रति अत्यंत आभारी हैं। हमें विश्वास है कि देश में अपने तरह का पहला यह केंद्र इंजीनियरिंग एवं मेडिसिन के अंतराफलक (इंटरफेस) पर प्रशिक्षित मानवशक्ति की दृष्टि से अग्रणी होगा। अनुमान है कि अनूठापन एवं गुणवत्तापूर्ण शोध कार्य की दृष्टि से, यह सेंटर भारत का एक सर्वश्रेष्ठ अंतर्विषयक केंद्र बनेगा।’’ मेहता फैमिली फाउंडेशन के राहुल मेहता ने बताया, ‘‘हमें आईआईटी कानपुर के साथ जुड़ने की खुशी है, जो इंजीनियरिंग में विज्ञान-आधारित पाठ्यक्रम में अग्रणी रहे हैं और इन्होंने अभूतपूर्व योगदान दिये हैं। इस केंद्र से एक नये क्षेत्र का उदय होगा, जिससे 21वीं सदी में स्वास्थ्य सेवा (हेल्थकेयर) को एक नया स्वरूप मिलेगा। मेहता फैमिली फाउंडेशन का उद्देश्य ऐसे प्रमुख क्षेत्रों में भारत के छात्रों को नये-नये अवसर प्रदान करना है, जिससे हर कोई आर्थिक रूप से समृद्ध हो सके।’’यूनिवर्सिटी आॅफ कैलिफोर्निया, सैन डियेगो के प्रोफेसर और बायोलाॅजिकल साइंसेज ऐंड बायोइंजीनियरिंग बीएसएमई (बायोमेडिकल रिसर्च) के अतिथि प्रोफेसर, प्रोफेसर शंकर सुब्रमण्यम ने कहा, ‘‘आईआईटी कानपुर भारत में इंजीनियरिंग के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में से एक है और सेंटर फाॅर इंजीनियरिंग इन मेडिसिन से इसकी प्रतिष्ठा और अधिक बढ़ने की संभावना है, जिसका असर यहां से निकलने वाले छात्रों पर पड़ेगा। सेंटर में प्रशिक्षित कार्यबल भारत के हेल्थकेयर के क्षेत्र में क्रांति लाने में सक्षम होंगे।