किसान और युवा विरोधी है आम बजट: अजय कुमार लल्लू

किसान और युवा विरोधी है आम बजट: अजय कुमार लल्लू

लखनऊ: संसद में आज पेश किये गये आम बजट पर उ0प्र0 कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री अजय कुमार लल्लू जी ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह घोर निराशाजनक, किसान, युवा एवं बेरोजगार विरोधी बजट है। यह बजट रेलवे, एलआईसी, स्वास्थ्य सेवाएं आदि सार्वजनिक क्षेत्र में निजीकरण को बढ़ावा देकर चुनिन्दा उद्यमियों को फायदा पहुंचाने तथा उनके हाथों में सौंपने वाला है। उन्होने कहा कि देश की आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करने वाली महिला सुरक्षा, युवाओं के रोजगार सृजन के नाम पर यह बजट मौन है। शिक्षा, स्वास्थ्य, भोजन एवं सुरक्षा देना लोकतांत्रिक सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी और जनता का बुनियादी अधिकार है इसे उद्योगपतियों को सौंपना जनता के साथ विश्वासघात है। यह बजट पूरी तरह खोखला एवं विकासविरोधी है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री अजय कुमार लल्लू ने कहा कि हमारा प्रदेश, कृषि प्रधान प्रदेश है। 60 प्रतिशत से अधिक लोगों की जीविका कृषि पर निर्भर है। इसके बावजूद लगातार किसानों की आय दुगुनी करने की घोषणा करने के बाद भी इस बजट में कोई खाका प्रस्तुत करने में मोदी सरकार असफल साबित हुई है। सरकार बजट में किसानों की लागत कम करने और उचित मूल्य दिलाने की कोई योजना प्रस्तुत नहीं कर पायी अपितु 16 सूत्रीय जुमलों वाला फार्मूला लेकर आयी है जो केवल चुनावी जुमला है। उ0प्र0 के मुख्यमंत्री ने इस बजट को कृषि को बढ़ावा देने वाला बजट बताकर किसानों के साथ बहुत बड़ा धोखा किया है। कृषि प्रधान प्रदेश का मुख्यमंत्री होने के नाते बजट भाषण सुनना चाहिए था और तथ्यात्मक आलोचना या प्रसंशा करनी चाहिए थी। यूपीए सरकार में औसत 3.7 प्रतिशत की दर से विकास करने वाला कृषि क्षेत्र मौजूदा सरकार के 6 वर्ष के कार्यकाल में 1.5 प्रतिशत के नीचे विकास दर पर है जो कृषि क्षेत्र को बर्बादी की तरफ ले जाने वाला है ऐसे में किसानों की आय दुगुनी करने का जुमला मौजूदा विकास दर में 52 वर्षों में पूरा हो सकता है। उन्होने कहा कि बजट भाषण में वित्त मंत्री ने कृषि बीमा क्षेत्र में किसानों की भागीदारी बढ़ने की बात कही लेकिन नष्ट हुए फसलों के मुकाबले कितना गुना नष्ट फसलों का मुआवजा किसानों को मिला इस बारे में कुछ भी स्पष्ट नहीं बता सकीं। इससे केवल बीमा कम्पनियों का फायदा प्रदर्शित होता है।

श्री अजय कुमार लल्लू जी ने कहा कि देश बेरोजगारी की सबसे भयावह स्थिति में है। पिछले 48 साल में सबसे निचले स्तर पर बेरोजगारी दर और 65 प्रतिशत की ऊपर की आबादी 35 वर्ष के असीम ऊर्जा से ओतप्रोत बहुमुखी प्रतिभा के युवाओं की है इसके बावजूद भी मौजूदा सरकार अपने कार्यकाल में युवाओं को रोजगार देने में पूरी तरह से असफल साबित हुई है। मौजूदा बजट में नए रोजगार सृजन की कोई संभावनाएं दृष्टिगत नहीं हो रही हैं। इसलिए यह बजट युवा और बेरोजगार विरेाधी बजट है। यह हास्यास्पद ही है कि देश का युवा बेरोजगारी की कठिनतम दौर की पीड़ा झेल रहा है और वित्त मंत्री जी कोई समाधान देने के बजाए सबसे लम्बे बजट भाषण का रिकार्ड बना रही हैं।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि समाज का सबसे कामगार वर्ग दलित, पिछड़ा और आदिवासी जो अर्थव्यवस्था के विकास की रीढ़ है उसके उन्नति, प्रगति और विकास का कोई खाका इस बजट में प्रस्तुत नहीं किया गया है। जो यह दर्शाता है कि इस सरकार के एजेण्डे में यह कमेरा वर्ग नहीं आता है जो चिन्ता का विषय है।

श्री अजय कुमार लल्लू ने कहा कि यह सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों को पूरी तरीके से नष्ट कर निजी हाथों में देने पर उतारू है यहां तक कि दुनिया का सबसे ज्यादा रोजगार सृजन करने वाले भारतीय रेलवे में भी पीपीपी माॅडल पर 150 ट्रेनों को चलाने का निर्णय लिया है। वहीं आम जनता की गाढ़ी कमाई के बचत को सुरक्षित करने वाली एलआईसी को भी निजी हाथों में सौंपना, आईडीबीआई बैंक में निजी क्षेत्र की हिस्सेदारी बढ़ाना, बजट में इन घोषणाओं का यह संकेत है कि यह सरकार सार्वजनिक उद्यमों को नष्ट कर अपने चहेते चुनिन्दा उद्योगपतियों को सौंपने की तैयारी कर चुकी है। जैसा पिछले कार्यकाल में एयरपोर्ट, एयर इंडिया, तेजस, प्लेटफार्म, लालकिला, बीएसएनएल एवं तमाम दूरसंचार कंपनियां आदि को निजी हाथों में सौंपने का उदाहरण प्रस्तुत कर चुकी है।

आयुष्मान योजना के अन्तर्गत पीपीपी माॅडल पर नए अस्पताल बनाए जाने की घोषणा स्वास्थ्य के क्षेत्र में निजीकरण की शुरूआत है जो आने वाले दिनों में आम आदमी के ऊपर बड़ा आघात साबित होगा।

पूर्व में सौ स्मार्ट सिटी बनाने का जुमला देने वाली सरकार उसकी प्रगति रिपोर्ट देने के बजाए अब पांच नये स्मार्ट सिटी बनाने का नया जुमला दे रही है। यह सरकार अपने हर बजट भाषण में सौ नये हवाई अड्डे बनाने का वादा करती है जबकि 99 हवाईअड्डे यूपीए सरकार बने हुए थे, 2019 में सौंवां हवाई अड्डा था, बजट में स्पष्ट नहीं है कि उसमें पुराने का जिक्र किया गया है या नया हवाई अड्डा बनाने की बात की जा रही है।

Lucknow, Uttar Pradesh, India