असहमति पर बदले की भावना से की गयी कार्यवाही लोकतंत्र की हत्या: अजय कुमार लल्लू

असहमति पर बदले की भावना से की गयी कार्यवाही लोकतंत्र की हत्या: अजय कुमार लल्लू

लखनऊ: उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने आज विधानसभा में दिये गये धन्यवाद प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री द्वारा दिये गये जवाब को झूठ का पुलिन्दा, अहंकार की पराकाष्ठा और तथ्यहीन करार दिया है। उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा आरक्षण पर विपक्ष द्वारा उठाये गये सवाल का जवाब देते हुए यह कहना कि हमने अपने कार्यकाल में मार्च 2017 के बाद दो लाख पचास हजार युवाओं को नौकरियां दी हैं और उसमें आरक्षण के नियम का पूरी तरह पालन किया गया है, यह बयान पूरी तरह असत्य और गुमराह करने वाला है। क्येांकि सरकारी विभाग की नौकरियों के बकायदा विज्ञापन आते हैं, परीक्षाएं आयोजित की जाती हैं, परिणाम घोषित होते हैं और इतनी संख्या में सरकारी नौकरियां दिये जाने का साक्ष्य न तो सरकार के पास है और न ही किसी संस्था के पास है। यह जवाब उ0प्र0 की विधानसभा, विपक्ष और बेरोजगार युवाओं का अपमान है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि इसी प्रकार मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे राज्य की कानून व्यवस्था पर कोई परिन्दा पर नहीं मार सकता, अपराध पूरी तरह नियंत्रण में है, पर कहा कि आये दिन बलात्कार, लूट, हत्या जैसी जघन्य घटनाएं प्रदेश में कौन कर रहा है और सरकार उस पर नियंत्रण नहीं कर पा रही है जिसमें बलात्कार की उन्नाव में तीन घटनाएं जिसमें हाईकोर्ट और सुप्रीमकोर्ट को दखल देना पड़ा। इसी प्रकार शाहजहांपुर की घटना, अयोध्या, कानपुर, कानपुर देहात, गोण्डा की घटना, मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र गोरखपुर की घटना सहित प्रदेश के लगभग हर जनपद में बलात्कार की घटनाएं समाचारपत्रों की सुर्खियां बन रही हैं। अभी कानपुर देहात में दबंगों द्वारा भीम कथा के आयोजकों की पिटाई करना, घर में घुसकर महिलाओं एवं बच्चों को पीटना, प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कुछ महीने के अंदर ही हिन्दू संगठन से जुड़े दो-दो प्रदेश स्तरीय नेताओं की हत्या, लखनऊ कचेहरी में बम से मारने की घटना, प्रयागराज एवं लखनऊ में वकीलों की गोली मारकर हत्या, यह सब घटनाएं कानून व्यवस्था के नाम पर बदनुमा दाग हैं और मुख्यमंत्री के विधानसभा में दिये गये जवाब पर खुद ब खुद सवाल बनकर खड़े हैं।

अजय कुमार लल्लू ने कहा कि सीएए/एनआरसी/एनपीआर के विरोध में पूरे प्रदेश के लगभग हर जनपदों में हुए विरोध प्रदर्शनों पर जिस बर्बरता के साथ पुलिस प्रशासन ने कार्यवाही की है, लोगों पर पुलिस ने गोली चलाई जिसमें तमाम लोगों की जानें गयीं। महिलाओं और बच्चों के साथ बर्बर कार्यवाही की गयी तथा तमाम धाराएं लगाकर जेल भेजा गया। यह असहमति को क्रूरता से कुचलने जैसा है। जबकि मुख्यमंत्री जी स्वयं कह रहे हैं कि असहमति लोकतंत्र का आधार है। बिजनौर, मेरठ, लखनऊ, अलीगढ़, आजमगढ़, मुजफ्फरनगर, मुरादाबाद आदि तमाम जिलों में की गयी पुलिसिया ज्यादती खुद मुख्यमंत्री जी के जवाब पर प्रश्नचिन्ह हैं।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि उ0प्र0 में शांतिपूर्ण प्रदर्शनों पर की गयी पुलिसिया ताण्डव के खिलाफ राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में की गयी तथ्यपूर्ण शिकायत पर खुद मानवाधिकार आयोग ने उ0प्र0 के पुलिस और प्रशासन से जवाब तलब किया है तथा राज्य सरकार द्वारा लोगों पर लगाये गये जुर्माने पर मा0 उच्च न्यायालय ने रोक लगाकर यह स्पष्ट कर दिया है कि उ0प्र0 में कानून का शासन नहीं है मुख्यमंत्री जी सरासर विधानसभा और प्रदेश की जनता को गुमराह कर रहे हैं।

श्री अजय कुमार लल्लू ने कहा कि जबसे भाजपा की सरकार बनी है उ0प्र0 का किसान पूरी तरीके से परेशान और निराश है क्योंकि उर्वरक, कीटनाशक, पानी, बिजली तथा डीजल के दामों में 50प्रतिशत से अधिक वृद्धि हो चुकी है उस अनुपात में किसानों की फसलों की खरीद नहीं हो पा रही हैं न ही छत्तीसगढ़, पंजाब, मध्य प्रदेश और राजस्थान की भांति फसलों पर बोनस का कोई प्रावधान है। जिसका नतीजा यह है कि लागत अधिक और मूल्य कम मिल पाने से हमारे उ0प्र0 का किसान घाटे में कृषि करने को विवश है। रही-सही कसर अवारा पशु फसलों को बर्बाद कर किसानों पर बोझ बन रहे हैं। विधानसभा में खुशहाली के बारे में मुख्यमंत्री का दिया गया बयान अन्नदाता किसानों का अपमान करना है।