राजभवन आम जनता का है केवल राज्यपाल  का नहीं: आनंदीबेन पटेल

राजभवन आम जनता का है केवल राज्यपाल का नहीं: आनंदीबेन पटेल

राज्यपाल ने पुष्प प्रदर्शनी के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया

लखनऊः उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने आज ‘प्रादेशिक फल, शाकभाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी 2020’ में पुरस्कार वितरण कर विजेताओं को सम्मानित किया।

इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि स्कूली बच्चों ने फूलों से जो आकृतियाँ बनायीं हैं और संदेश लिखे हैं उसे देखकर लगता है कि बच्चों में नवाचार और नये विचार स्फुटित हो रहे हैं, जो एक रचनात्मक दृष्टिकोण को दर्शाता है। हमें केवल बच्चों द्वारा बनायी गयी सुंदर आकृति ही नहीं बल्कि इसके पीछे उनकी शैक्षणिक, सामाजिक सद्भाव एवं सांस्कृतिक दृष्टि को भी देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि जेल बंदियों ने विभिन्न प्रकार की सब्जियों के प्रदर्श लगाकर अपनी सृजनात्मक क्षमता का परिचय दिया है। उन्होंने कहा कि किसानों द्वारा जैविक विधि से उत्पादित खाद्यान्न की मांग आज हर तरफ बढ़ती जा रही है। किसानों को अधिक से अधिक जीरो बजट खेती को अपना कर जैविक फसलों के उत्पादन पर विशेष ध्यान देना चाहिए। किस जनपद में कौन सी फसल ज्यादा उत्पादित होती है, उसकी जानकारी जनता को भी होनी चाहिए। इसी को ध्यान में रखते हुए ‘एक जनपद एक उत्पाद’ की तर्ज पर हमने ‘एक जनपद एक फसल विशेष’ के उत्पादन पर कार्य करने को कहा है जिससे जनता जान सके कि किस जनपद में किस फसल विशेष का उत्पादन ज्यादा होता है।

समारोह को सम्बोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि राजभवन आम जनता का है केवल राज्यपाल का नहीं। इसी को ध्यान में रखते हुए राजभवन के दरवाजे सबके लिये खोल दिये गये हैं, जिसमें सोमवार से शनिवार तक स्कूली बच्चे तथा परिवार सहित आने वालों के लिये मंगलवार एवं बृहस्पतिवार का दिन निर्धारित किया गया है। प्रदर्शनी में आये लोगों की उपस्थिति एवं उत्साह को देखते हुए राज्यपाल ने कहा कि औपचारिक समापन तो आज हो रहा है लेकिन प्रदर्शनी को कल तक आम जनता के लिये और बढ़ा दिया गया है। 22 फरवरी से प्रारम्भ हुई प्रदर्शनी का अब तक 25,000 से अधिक लोगों ने अवलोकन कर लिया है। राज्यपाल ने 4 से 9 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए विभिन्न कलात्मक पुष्प सज्जा श्रेणी के अंतर्गत रियांशी अवस्थी सेन्ट टेरसा डे स्कूल को गुलदस्ता मिश्रित फूलों से निर्मित हेतु प्रथम पुरस्कार, प्रशंसा सिंह को गुलाब फूलों के वाॅश एवं बाउल में कलात्मक सज्जा हेतु दो प्रथम तथा एक द्वितीय पुरस्कार, प्रतीक कुमार गौड़ को गुलाब फूलों के वाॅश एवं बाउल में कलात्मक सज्जा हेतु द्वितीय पुरस्कार, कर्णिका सिंह चिल्ड्रेन पैलेस म्यूनिशपल नर्सरी स्कूल को मिश्रित फूलों के गुलदस्ता हेतु द्वितीय पुरस्कार, निहाल सिंह को वाॅश में फूलों की सजावट हेतु प्रथम पुरस्कार प्रदान किया।

राज्यपाल ने प्रदर्शनी में 10 से 16 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए आयोजित कलात्मक पुष्प सज्जा श्रेणी में देवीशी वर्मा को बनावटी फूलों द्वारा वाॅश या बाउल में कलात्मक सज्जा हेतु दो प्रथम एवं एक द्वितीय पुरस्कार, प्रशस्ति सिंह को मिश्रित फूलों से निर्मित गुलदस्ता हेतु दो प्रथम, दो द्वितीय एवं एक तृतीय पुरस्कार, अनुराधा मिश्रा को पत्तियों द्वारा कलात्मक सज्जा हेतु द्वितीय पुरस्कार प्रदान किया।

प्रदर्शनी में महिलाओं के लिये आयोजित कलात्मक पुष्प सज्जा श्रेणी में सिमरन साधवानी लामार्टीनियर गल्र्स कालेज को पीले फूलों की सजावट के लिए एक प्रथम एवं एक द्वितीय पुरस्कार, श्रीमती राजेश्वरी को लाल फूलों से दमकता हुआ सूर्य की रचना के लिए एक प्रथम, एक द्वितीय तथा एक तृतीय पुरस्कार, श्रीमती रमनदीप कौर राजभवन को फूलों की सजावट के लिये प्रथम पुरस्कार राज्यपाल द्वारा प्रदान किया गया।

राजभवन में आयोजित प्रदर्शनी में कुल 49 श्रेणियों में कुल 629 वर्ग में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में कुल 2,160 प्रतिभागियों ने भाग लेकर 5,304 प्रदर्शों को प्रदर्शित किया है जिसमें 597 प्रथम पुरस्कार, 609 द्वितीय पुरस्कार तथा 577 तृतीय पुरस्कार प्रदान कर विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। प्रदर्शनी में अधीक्षक राजभवन उद्यान ने सर्वाधिक पुरस्कार प्राप्त किये हैं जिसके लिये रू0 7,000 का नकद पुरस्कार देकर उन्हें सम्मानित किया गया। इसके साथ ही प्रदर्शनी में रंगोली जन-शिक्षण संस्थान, कानपुर रोड लखनऊ द्वारा प्रदर्शित कमल के पुष्प के साथ ‘भगवान बुद्धा’ की आकृति को सर्वोत्तम प्रदर्श घोषित किया गया जिसके लिये रू0 3,000 का नकद पुरस्कार तथा स्व0 जंग बहादुर सिंह मेमोरियल चल कप प्रदान कर पुरस्कृत किया गया। इसके साथ ही सर्वोत्तम गुलाब का पुरस्कार श्री जनार्दन प्रसाद तिवारी एच0ए0एल लखनऊ को स्व0 डाॅ0 एस0एस0 तेवतिया मेमोरियल ट्राॅफी प्रदान कर सम्मानित किया गया।

Lucknow, Uttar Pradesh, India