दिल्ली हिंसा एक सोची समझी साजिश: जमीयत उलेमा हिंद

दिल्ली हिंसा एक सोची समझी साजिश: जमीयत उलेमा हिंद

सरकार को शांति स्थापित करने के लिए हर संभव प्रयास करना चाहिए: मौलाना अरशद मदनी

नई दिल्ली: नागरिकता कानून के खिलाफ शांतिपूर्ण आंदोलन को खत्म करने के लिए जिस तरह से दिल्ली को दंगे कि आग में झोका गया वो बेहद दुखद एवम् निंदनीय हैं. दिल्ली दंगो पर मौलाना अरशद मदनी (अध्यक्ष, जमीयत उलेमा हिंद) ने अपनी बात रखते हुए कहा कि जिस तरह से भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने अपने भड़काऊ भाषण से जिस तरह से दिल्ली में दंगे भड़काए वो बेहद निंदनीय हैं और सरकार को तुरंत कपिल जैसे नेताओं पर कड़ी कार्यवाही करनी चाहिए और साथ ही साथ उन पुलिस अधिकारियों पर भी कार्यवाही होनी चाहिए जिनकी उपस्थिति में कपिल मिश्रा ने भाषण दिया।

मौलाना मदनी ने दिल्ली में हुए दंगो पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जमीयत हर पीड़ित परिवार के साथ है और साथ ही जमीयत का एक प्रतिनिधि मंडल अस्पतालों में जाकर दंगे में घायल पीड़ितो से मुलाकात कर रहा हैं और उन्हें हर संभव मदद भी देगा।

दंगो का जिक्र करते हुए मौलाना मदनी ने कहा कि जिस तरह नागरिकता कानून को लेकर पूरे देश में विरोध का स्वर उठ रहा था उससे सरकार घबडाई हुई है और यही कारण है कि शांतिपूर्ण ढंग से चल रहे विरोध प्रदर्शनों को खत्म करने के लिए दंगा कराया गया।

अंत में मौलाना मदनी ने कहा कि कुछ लोग धर्म को आधार बनाकर देश के भाईचारे और अखंडता को खत्म करना चाहते है और वो देश में धर्मयुद्ध का माहौल बनाना चाहते हैं लेकिन जमीयत ऐसे नापाक लोगो को उनके मंसूबे में कामयाब नही होने देगी, जमीयत हमेशा से ही पूरे देश में हिन्दू मुस्लिम एकता की मिसाल रही है और उसने धर्म जाति से ऊपर उठकर मानवता और भाईचारे के लिए काम किया है.

मौलाना मदनी ने सरकार से अपील करते हुए कहा कि वो देश का सांप्रदायिक माहौल खराब करने वालो को पहचाने और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही करे जिससे कि देश में आपसी भाईचारा, अखंडता और एकता बनीं रहे.

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