महाभारत का युद्ध 18 दिन में जीता था, कोरोना को 21 दिन में हारने की कोशिश: पीएम मोदी

महाभारत का युद्ध 18 दिन में जीता था, कोरोना को 21 दिन में हारने की कोशिश: पीएम मोदी

नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को वीडियो कॉनफ्रेंसिंग के जरिए वाराणसी के लोगों से बातचीत की। इस दौरान कहा कि आज काबुल में गुरुद्वारे में हुए आतंकी हमले से मन काफी दुखी है। मैं इस हमले में मारे गए सभी लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं। इसके साथ ही पीएम मोदी, 'महाराभारत का युद्ध 18 दिन में जीता था। अब कोरोना से 21 दिन में जीत की कोशिश है।'

पीएम मोदी ने नवरात्र की बधाई देते हुए कहा, 'आप जानते हैं, नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। मां शैलपुत्री स्नेह, करुणा और ममता का स्वरूप हैं। उन्हें प्रकृति की देवी भी कहा जाता है। आज देश जिस संकट के दौर से गुजर रहा है, उसमें हम सभी को मां शैलपुत्री के आशीर्वाद की बहुत आवश्यकता है।'

इससे पहले मंगलवार को पीएम मोदी ने कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए अभूतपूर्व कदम उठाते हुए पूरे देश में 21 दिनों के लिए लॉकडाउन की घोषित कर दिया, जोकि मंगलवार आधी रात से लागू हो गया। बता दें, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र बनारस है और वह दूसरी बार इसी क्षेत्र से जीतकर संसद पहुंचे हैं।

प्रधानमंत्री ने बीते दिन कोरोना वायरस के संक्रमण से मुकाबला करने के लिए स्वास्थ्य अवसंरचना को मजबूत करने के लिए 15,000 करोड़ रुपये के केंद्रीय आवंटन का भी ऐलान किया। बीमारी के फैलने के डर से कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने पहले ही 31 मार्च तक बंद की घोषणा कर रेल, सड़क और हवाई यातायात को स्थगित कर दिया था। हालांकि, आवश्यक वस्तुओं को देशभर में पहुंचाने के लिए माल की ढुलाई जारी रहेगी।

दो राज्यों-पंजाब और महाराष्ट्र तथा एक केंद्रशासित प्रदेश-पुडुचेरी पहले ही अपने यहां कर्फ्यू लगा चुके हैं। महाराष्ट्र के अधिकारियों के मुताबिक राजधानी मुंबई में 65 वर्षीय एक व्यक्ति की कोरोना वायरस से मौत हो गई। इसके साथ ही शहर में कोविड-19 से मृतकों की संख्या तीन हो गई है। महाराष्ट्र में सबसे अधिक 107 मामले सामने आए हैं जबकि 91 मामलों के साथ केरल दूसरे स्थान पर है।

बता दें, कोरोना वायरस के विश्वभर में अबतर 4 लाख, 22 हजार, 629 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें से 18 हजार, 895 लोगों की मौत हो चुकी है और एक लाख, 8 हजार, 879 लोगों को ठीक किया जा चुका है।

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