नेचर होम्स ने पर्यावरण-अनुकूल लकड़ी से किया है राम लला के अस्थायी मंदिर के ढांचे का निर्माण

नेचर होम्स ने पर्यावरण-अनुकूल लकड़ी से किया है राम लला के अस्थायी मंदिर के ढांचे का निर्माण

अयोध्या: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, आज सुबह पूजा-अर्चना करने तथा भगवान श्रीराम के नवनिर्मित अस्थायी मंदिर का उद्घाटन करने के लिए अयोध्या में उपस्थित थे। नेचर होम्स ने पर्यावरण-अनुकूल लकड़ी से मंदिर के ढांचे का निर्माण किया है। आज नवरात्र का पहला दिन है जो हिंदुओं के लिए अत्यंत पवित्र एवं मांगलिक अवसर है, और इसी शुभ मौके पर उन्होंने मंदिर में पूजा अर्चना की तथा मंदिर की संरचना का उद्घाटन किया।

गाजियाबाद स्थित कंपनी, नेचर होम्स की स्थापना श्री सौरभ सूद ने की थी, जिन्हें कई अन्य निविदाकर्ताओं के बीच निविदा जीतने के बाद इस संरचना को पूरा करने का दायित्व सौंपा गया। नेचर होम्स देश में पर्यावरण-अनुकूल एवं टिकाऊ इमारत संरचनाओं के निर्माण में अग्रणी है। भव्य राम मंदिर के निर्माण से पहले, उत्तर प्रदेश सरकार ने नेचर होम्स को राम लल्ला के इस मंदिर को पूरा करने का दायित्व सौंपा था।

इस अवसर पर नेचर होम्स के संस्थापक, सौरभ सूद ने कहा, “इस बात से हम अत्यंत प्रसन्न हैं कि, हमें देश के सबसे प्रतिष्ठित मंदिरों में से एक की संरचना को पूरा करने का काम दिया गया। हमने निर्धारित समय-सीमा के भीतर इस निर्माण कार्य को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इस मंदिर में भगवान राम की मूर्ति की स्थापना के लिए हमने डिजाइन एवं संरचना निर्माण के लिए विशेष दिशा-निर्देशों और सावधानियों का पालन किया है, जिसमें वास्तु-विवरण, हवा के बेहतर आवागमन के साथ-साथ उच्च तापमान तथा अन्य प्राकृतिक आपदाओं को सहने की क्षमता जैसी बातें शामिल हैं। संरचना की हर बारीकी को नेचर होम्स द्वारा डिजाइन और कार्यान्वित किया गया।"

इस मंदिर का निर्माण आवंटित भूमि पर किया गया है, तथा इसे उच्च गुणवत्ता वाली पर्यावरण-अनुकूल लकड़ियों से बनाया गया है, जिन्हें जर्मनी और एस्टोनिया के जंगलों से खरीदा गया है। दोहरे परत वाले इस ताप व विद्युत रोधी इमारत का आकार 21 x 14 फीट है, जो ऊर्जा-कुशल है और 100% प्राकृतिक लकड़ी से निर्मित है। इस संरचना को बेहद कठिन मौसम एवं जलवायु का सामना करने के लिहाज से डिजाइन किया गया है, जो रिक्टर स्केल पर 8-9 तक की तीव्रता वाले भूकंप को भी बर्दाश्त कर सकता है। यह 150 किमी प्रति घंटा से अधिक की हवा के दबाव को भी झेल सकता है।